जिंदगी का वो सबब याद आ रहा है तेरा वो प्यारा सा साथ याद आ रहा है
जिंदगी का वो सबब याद आ रहा है जिंदगी का वो सबब याद आ रहा है गलतियों से मिला वो सबक याद आ रहा
जिंदगी का वो सबब याद आ रहा है जिंदगी का वो सबब याद आ रहा है गलतियों से मिला वो सबक याद आ रहा
भगवान को जिसने देखाजो इंसान भगवान को जानता नहीं वो सिर्फ बोलता ही रहता हैलेकिन जो उसे जान लेता है
आज हम सभी इतने मॉडर्न हो गए हैं कि हमने भगवान की सत्ता पर ही सवाल उठा दिया है कि भगवान है कि नहीं
मन से भागना छोड़ दे हम सभी के पास गिने चुने दिन मिलते है ये जानकर भी हम कभी भी परम सच से नहीं
महाशिवरात्रि (शिव
और
माता पार्वती
) अद्भुत विवाह
फाल्गुन मास के
राधा रानी भक्त गुलाब सखी श्री बरसाने में प्रेम सरोवर के मार्ग पर एक समाधी बनी हुई है। जिसे हर कोई
भाव वाली कविता बिहारी जी के लिए एक भक्त का प्यार कौन कहता है नदियों के दोनों किनारे कभी मिल नहीं
राधा ही कृष्ण और
कृष्ण ही राधा क्यों है ?
राधा कृष्णा(radha krishna) कोई दो नहीं
हे बिहारी जी भीड़ में भी सुकून मिलता है शोर में भी शांति मिलती है हे बिहारी जी आपके दरबार की तो
भगवान की कृपा(grace of god) तेरी कलम है कहानी मेरी है अच्छी हो या बुरी हूँ लिखा तो तुमने ही