सुन्दर रज तिलक भाल, बाँकी भृकुटी बिसाल, रतनारे नैंन नेह भरे दरस पाऊँ। वारौं छवि चंद वदन, सोभा सुख सिंधु सदन, नासावर कीर कोटि काम को लजाऊँ॥ अधर अरुन दसन पाँति, कुंदकलिका बिसाँति, कमल कोस आनन दृग मधुप लै बसाऊँ॥ मधुर वचन मंद हास, होत चाँदनी प्रकास, जै जै श्रीहरिदास रसिक भगवत गुन गाऊँ॥…

॥ श्री राधा कृपा(radha kripa kataksh) कटाक्ष स्रोत ॥ श्रीराधा कृपाकटाक्ष स्तोत्र(radha kripa kataksh) का गायन वृन्दावन के विभिन्न मन्दिरों में नित्य किया जाता है। इस स्तोत्र के पाठ से साधक नित्यनिकुंजेश्वरि श्रीराधा और उनके प्राणवल्लभ नित्यनिकुंजेश्वर ब्रजेन्द्रनन्दन श्रीकृष्ण की सुर-मुनि दुर्लभ कृपाप्रसाद अनायास ही प्राप्त कर लेता है। मुनीन्दवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणी, प्रसन्नवक्त्रपंकजे निकंजभूविलासिनी। व्रजेन्दभानुनन्दिनी व्रजेन्द सूनुसंगते, कदा करिष्यसीह…

अज्ञानता मिटेगा और ज्ञान का प्रकाश जरूर जलेगा मान्यता है कि ज्ञान की देवी माँ सरस्वती जी की अराधना करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। सरस्वती जी की पूजा में निम्न प्रार्थना का प्रयोग होता है: श्री सरस्वती प्रार्थना (Prathana in Hindi) या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृताया वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभि र्देवैः सदा वन्दिता सा मां…

बिहारी जी की प्रार्थना हे! बांके बिहारी गिरधारी, हो प्यार तुम्हारे चरणों में. नटवर, मधुसुदन, बनवारी, हो प्यार तुम्हारे चरणों में | मैं जग से ऊब चुका मोहन, सब जग को परख चुका सोहन अब शरण तिहारी गिरधारी, हो प्यार तुम्हारे चरणों में.||1|| भाई, सुत, नार, कुटुम्बी जन, मैं मेरे के सब बंधन सब स्वार्थ  के ये सब संसारी, हो…