सुन्दर रज तिलक भाल, बाँकी भृकुटी बिसाल, रतनारे नैंन नेह भरे दरस पाऊँ। वारौं छवि चंद वदन, सोभा सुख सिंधु सदन, नासावर कीर कोटि काम को लजाऊँ॥ अधर अरुन दसन पाँति, कुंदकलिका बिसाँति, कमल कोस आनन दृग मधुप लै बसाऊँ॥ मधुर वचन मंद हास, होत चाँदनी प्रकास, जै जै श्रीहरिदास रसिक भगवत गुन गाऊँ॥…

वृंदा कैसे बनी तुलसी-तुलसी जी का विवाह(Tulsi Vivah 2018) राक्षस कुल में जन्मी यह बच्ची बचपन से ही भगवान विष्णु की भक्त थी। जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में ही दानव राज जलंधर से संपन्न हुआ। राक्षस जलंधर समुद्र से उत्पन्न हुआ था। वृंदा बड़ी ही पतिव्रता स्त्री थी, सदा अपने…

हमारी विरासत की तरफ से नवरात्रि की शुभकामनाएं आप सभी के लिए शारदीय नवरात्री बहुत ही मंगलमय हो। माँ की शक्ति माँ की भक्ति वही करते है जिनपे माँ की कृपा हो जाती है। कृपामयी माँ का आशीर्वाद हम सभी पर सदा बना रहे। इसके साथ ही सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं भेजे  खुशिया बाटें एक…

नवरात्रि की शुभकामनाएं-(Navratri wishes in Hindi) माँ का साथ सबके साथ -Navratri wishes in Hindi(1) माँ का साथ सबके साथ माँ का आशीर्वाद सबके साथ जो भी दिल से उसको अपना माने चाहे जग छोड़ साथ पर वो होता नहीं कभी अनाथ। संभालती भी तुम हो-Navratri wishes in Hindi(2) संभालती भी तुम हो संवारती भी…

श्रीमद् भागवत(srimad Bhagwat) या भागवत महापुराण नारद जी की प्रेरणा से वेद व्यास जी  ने श्रीमद् भागवत(srimad Bhagwat) ग्रन्थ लिखा। श्रीमद् भागवत(srimad Bhagwat) या भागवत महापुराण 18 विभिन्न पुराणों में से 5 वें प्रमुख पुराण हैं। इसमें 12 अलग-अलग स्कन्द ,335 अध्याय  और लगभग 18,000 श्लोक शामिल हैं। अन्य पुराणों के समान, श्रीमद् भागवत ऋषि वेद व्यास द्वारा लिखे…

क्या रहस्य छुपा है भगवान श्री कृष्ण के शरीर के नीले/श्याम  रंग के पीछे हिन्दू धर्म के अनुसार श्री कृष्ण भगवान विष्णु के 8 वे अवतार कहलाते है तथा अब तक भगवान विष्णु के 23 अवतार हो चुके है. जब-जब इस पृथ्वी पर असुरो का आतंक बढ़ा है तथा अधर्म व्याप्त हुआ है तब-तब भगवान…

भगवान श्रीकृष्ण जी का जन्म(Janmashtami) श्री कृष्ण जी का जन्म  भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की घनघोर अंधेरी आधी रात में हुआ था .रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में वसुदेव जी  की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। यह तिथि उसी शुभ घड़ी की याद दिलाती है और सारे देश में बड़ी…

पानीहाटी चिड़ा-दही महोत्सव: पानीहाटी चिड़ा-दही महोत्सव गौडीय संप्रदाय में मनाया जाने वाला उत्सव है, जो श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी पर स्वामी नित्यानंद प्रभु की विशेष कृपा को दर्शाता है | भक्ति एक महोत्सव है, भक्तो का हर क्षण उत्सव होता है क्यूंकि वे हर क्षण भगवान से जुड़े होते है | पानीहाटी चिड़ा-दही महोत्सव भी एसा…

हरि नाम लेखन की महिमा:- प्रभु से जुड़ने के अनेक माध्यम हमारे सद्ग्रंथो, ऋषि मुनियों एवं संतो द्वारा बताये गये है, उनमे से एक है हरि नाम जप और नाम लेखन | नाम में कोई भेद नही है.. ‘राम‘,’कृष्ण‘,’शिव‘,’राधे‘ जो नाम आपको प्रिय लगे उसी को पकड़ लो तो बेडा पार हो जायेगा | नाम…

 जय जगन्नाथ स्वामी जय जगन्नाथ ! भक्त माधव दास जी :- उड़ीसा प्रान्त में जगन्नाथ पूरी में एक भक्त रहते थे , श्री माधव दास जी | अकेले रहते थे, कोई संसार से इनका लेना देना नही | अकेले बैठे बैठे भजन किया करते थे, नित्य प्रति श्री जगन्नाथ प्रभु का दर्शन करते थे और…