दिव्य शक्ति का संकेत है करोड़ों लोग ईश्वर से प्यार करते है पर बहुत खुशनसीब होते है वो जिनसे ईश्वर खुद प्यार करते है। जब परमात्मा खुद आपसे संपर्क करना चाहते है :- रात्रि 3से 5 के मध्य खुलती है नींद तो यह दिव्य शक्ति का कोई संकेत है कोई दिव्य शक्ति(divine power) आपको संदेश देना चाहते हैं…

भक्ति भाव भरी राह… जीवन में सब कुछ आसान हो जाता है जब उस परम सच से सामना हो जाता है नवधा भक्ति :- प्रभु राम ने माता शबरी को भक्ति की नौ प्रकार बताये है.. श्रवणं कीर्तनं विष्णोः स्मरणं पादसेवनम्। अर्चनं वन्दनं दास्यं सख्यमात्मनिवेदनम् ॥ श्रवण (परीक्षित), कीर्तन (शुकदेव), स्मरण (प्रह्लाद), पादसेवन (लक्ष्मी), अर्चन…

जिंदगी का वो सबब याद आ रहा है जिंदगी का वो सबब याद आ रहा है गलतियों से मिला वो सबक याद आ रहा है तेरे दर पर आकर सांवरे(saware) मेरा वो लौट जाना याद आ रहा है भूल हो गई प्यारे जो तुम्हें भुलाया तेरा वो प्यारा सा साथ याद आ रहा है जिंदगी…

जो इंसान भगवान को जानता नहीं वो सिर्फ बोलता ही रहता है लेकिन जो उसे जान लेता है फिर वो बोल ही नहीं पाता है भगवान को जिसने देखा:- भगवान को जिसने भी देखा उसका यही कहना था। दूसरे कितने भी भगवान के बारे में आपको बताये लेकिन आप नहीं जान पाएंगे उन्हें।  भगवान को…

“तुम्हारा उससे बहुत पुराना रिश्ता है रिश्ता क्या तुम जहाँ भी जाओ मन में एक अटूट विश्वास सा होता है वो तुम्हारे साथ है। तुम्हे नहीं पता की क्या रिश्ता है तुम्हार उनसे , बस एक बात हमेशा याद रखना वो हम सभी की सच्ची मंज़िल है। उनसे ही हम सभी का वजूद है ,वक़्त…

महाशिवरात्रि (शिव और माता पार्वती  ) अद्भुत विवाह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन शिवलिंग के रुद्राभिषेक का महत्व माना जाता है और इस दिन भगवान शिव के पूजन और व्रत से सभी रोग और शारीरिक दोष समाप्त हो जाते हैं। इस वर्ष 14 फरवरी 2018 मंगलवार को…

राधा रानी भक्त गुलाब सखी श्री बरसाने में प्रेम सरोवर के मार्ग पर एक समाधी बनी हुई है। जिसे हर कोई गुलाब सखी(Gulab Sakhi) के चबूतरे(chabutra) के नाम से जानते है। एक भक्त का नाम गुलाब(Gulab)था। गुलाब एक गरीब मुस्लमान  था। श्री राधा रानी सब पर कृपा करती है। ये बात सभी भक्त जानते है। गुलाब…

भाव वाली कविता बिहारी जी के लिए एक भक्त का प्यार कौन कहता है नदियों के दोनों किनारे कभी मिल नहीं सकते हैं जब वो दरिया में जा कर गिरते हैं तो खुद ही मिल जाते हैं उम्मीद रखो जीवन में असंभव कुछ भी नहीं है मिला नहीं मिला इस बात भी उलझ कर रह…

राधा-कृष्णा प्रेम (Radha-Krishan love) राधा ही कृष्ण और कृष्ण ही राधा क्यों है ? राधा कृष्णा(radha krishna) कोई दो नहीं थे।  दुनिया की नज़रो में वो दो थे, लेकिन राधा जी के नज़रो में सिर्फ कृष्ण थे और कृष्ण जी की नज़रो में सिर्फ राधा जी थी। प्रेम सिर्फ पाने का नाम नहीं ना ही…