विरह भाव :श्री कृष्णा (shri Krishna)
विरह भाव :
श्री कृष्णा (shri Krishna)
source: Twitter
विरह भाव :कृष्ण(krishna) कहते
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श्री कृष्णा (shri Krishna)
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विरह भाव :कृष्ण(krishna) कहते
वृन्दावन की होली हे बिहारी जी , खुशबू आने लगी है अभी से रंगो और गुलालों की, बुला लो अब
सुविचार(Good thought) गुरुर में इंसान को कभी इंसान नहीं दिखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो
कौन गा सकता है उस कृपा मई श्री जी( राधा रानी ) के बारे में जिनका एक बार नाम लेने से तन मन पावन और
गोपी भाव कैसे गुजरेगी ये पूरी जिंदगी तेरे इंतजार में अभी तो कुछ पल ही काटे हैं तेरे इंतजार
परिचय गौतम बुद्ध की शिक्षाएँ (Gautam Buddha Teachings) आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत
क्यों उसकी याद आकर मुझे जगा जाती है दूर से ही सही पर क्यों उसकी सदा आती है। क्यों उसकी याद आकर
वृन्दावन की होली प्रेम की होली वृन्दावन की होली प्रेम की होली होती है जंहा श्री कृष्णा ने राधा संग
उसकी मर्ज़ी से हो फिर उस बात पे कभी शक न हो। हमारे जीवन में जो भी घटित होता हैं, उसका कहीं न कहीं
एक सुकून पाने की तलाश में कितनी बेचैनिया पाल ली ' लोग कहते है हम बड़े हो गए और हमने जिंदगी संभाल