बिहारी जी ने अपने भक्त को इत्र की शीशी क्यों दी ?

बिहारी जी ने अपने भक्त को इत्र की शीशी क्यों दी ?

 

“श्री गौरव कृष्णा गोस्वामी जी ने कहा
यदि आप दिल से भगवान की भक्ति करते हैं आपकी कोई भगवान के लिए चाह है तो बांके बिहारी उसे पहले ही पूरा करने के लिए बैठे हैं। बस आप भगवान से अपनी लगन लगाए रहे।”

28 फरवरी 2010 को होली महोत्सव पर श्री गौरव कृष्ण जी महाराज ने  बांके बिहारी के चमत्कार का स्वयं से जुड़ा एक प्रसंग सुनाया गौरव कृष्ण गोस्वामी जी कहते हैं कि यह बिल्कुल सत्य घटना है यह कोई मैं आपसे आत्म चर्चा नहीं कर रहा कल मैं ठाकुर श्री बांके बिहारी जी की सेवा में अंदर था कल वह बिहारी जी के साथ होली खेल रहे थे वैसे तो मैं कोई आत्म चर्चा नहीं कर रहा लेकिन यह कल की घटना है तो मैं बता रहा हूं और  गुरुदेव की आज्ञा (परम पूज्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी) की आज्ञा लेकर बिहारी जी के साथ होली खेली और रात  को अपने हाथों से बिहारी जी की आरती के बाद जब बिहारी जी को गर्भ ग्रह से अंदर ले कर गया। फिर ठाकुर जी का अद्भुत श्रृंगार उतारा और सुन्दर चन्दन की शैया पर बिहारी जी को शयन कराया क्योंकि खूब होली खेली और गुलाल में ठाकुरजी थे उन्हें स्नान करवाकर अच्छे से पोंछ कर फिर आराम से चंदन के पलना पर लिटाया

sneh bihari ji

मैं बिहारी जी के चरण दबा रहा था तो वहां पर नियम है ठाकुर जी को सुलाते समय और उठाते समय भी इत्र से मालिश होती है मैं अपने साथ ही अपनी माला झोली में ही इत्र की शीशी लेकर गया  क्योंकि बिहारी जी की इत्र से मालिश करनी थी क्योंकि वहां पर मालिश की बड़ी महिमा है जब सेवा करते हैं तो अपने हाथों में अंगूठी भी नहीं पहनते इसका भाव भी यही है ठाकुर जी को कोई आघात  नहीं हो और कोई कष्ट ना हो जब मैंने शीशी निकाली तो देखा तो वह इत्र केसर का था मैंने ही मंगवाया था लेकिन अब तो केसर का समय नहीं है जब बहुत ठंड पड़ती है तब केसर का इत्र बिहारी जी को लगाया जाता है लेकिन अब तो मुझे बड़ा दुख हुआ क्योंकि यह समय ठाकुर जी को विशेष रुप से गुलाब का इत्र लगया जाता है और ये 12 महीने लगता है कभी कभी मिट्टी का इत्र भी लगता है।

बाकी फिर गर्मियों में खास तरीके का इत्र लगता है मिट्टी का भी इत्र  बिहारी जी को लगता है जो ब्रज रज से बनता है कई तरह के इत्र बिहारी जी को लगते हैं लेकिन केसर नहीं लगाया जाता अब वह गलती से केसर की शीशी आ गई तो बस मेरी आंखों से आंसू गिरने लगे। अब मैं कैसे लगाऊं ठाकुर जी को बहुत दिल से मंदिर गया था।  कि मैं मालिश करूंगा प्रभु कि। मैं चरण ही दबाता रहा क्योंकि अब इत्र तो लगा नहीं सकता क्योंकि रात भी हो गई थी अब कहां से मँगवाउ। तो बंधुओ उसी समय जो मेरे साथ गोस्वामी जी और भी  अंदर थे तो उन्होंने कहा देख लाला तोको कोई भंडारी बाहर बुला रहे हैं तो मैं उठ कर गया तो देखा कि भंडारी जी बाहर खड़े थे वह बोले गोसाई जी यह गुलाब के इत्र की शीशी है मैंने कहा यह आप कहां से लाएं।

gaurav krishna goswami

मैंने कहा यह आप कहां से लाए तो वह बोले कि यह गुलाब के इत्र की शीशी आपने नहीं मंगवाई मैंने कहा मैंने तो नहीं मंगाई तो कहा बाहर एक लड़का अभी-अभी आया और उसने कहा कि अंदर जो गोस्वामी जी है मैं उन के भजन सुनता हूं कथा सुनता हूं मुझे बहुत अच्छे लगते हैं उनके भजन उनकी कथा और उन्होंने मेरे से यह गुलाब के इत्र की शीशी मंगवाई है तो आप गोस्वामी जी को दे दो। और उसने मेरे हाथ में गुलाब के इत्र की शीशी दी और वह चला गया और मैंने उनको आवाज़ लगाई मैंने कहा वह लड़का कौन था कौन लेकर आया क्योंकि मैं बिल्कुल हैरान हो गया था उन्होंने कहा है मैं अभी उसको लेकर आता हूं बहुत देर से खड़ा है बाहर है और थोड़ी देर बाद आकर बोले महाराज वो तो है ही नहीं इतनी देर में वह कहां चला गया तो पूरे शरीर में कंपन हो गया और वह कह रहे हैं मैंने मंगाया जब कि मैंने किसी को भेजा नहीं मैं ने मंगाई नहीं ठाकुर जी की उसे इत्र से मैंने मालिश की। फिर बांके बिहारी जी के चरणों में मैं खूब रोया।
श्री गौरव कृष्णा गोस्वामी जी ने कहा
यदि आप दिल से भगवान की भक्ति करते हैं आपकी कोई भगवान के लिए चाहा है तो बांके बिहारी उसे पहले ही पूरा करने के लिए बैठे हैं। बस आप भगवान से अपनी लगन लगाए रहे।

ये सच्ची घटना पढ़कर आपको कैसा लगा। आप जरूर कमेंट करे। 

 बांके बिहारी लाल की जय

  • ramanmsaulakh

    ramanmsaulakh

    February 21, 2018

    आभार प्रभु का
    💞❤️राधे राधे जी💞❤️

    • virasat_admin

      virasat_admin

      February 25, 2018

      राधे राधे जी💞

    • Ajay kumar verma

      Ajay kumar verma

      July 4, 2019

      Radhe krishna Radhe krishna

      • hamari virasat

        hamari virasat

        July 5, 2019

        radhe krishna

  • maya saini

    maya saini

    March 20, 2018

    Radhe radhe

    • Virasat Admin

      Virasat Admin

      March 20, 2018

      radhe radhe

  • PANKAJ Puri P

    PANKAJ Puri P

    February 12, 2019

    Radhe radhe

    • admin

      admin

      February 12, 2019

      Radhe Radhe

  • Pushpa Rishikesh

    Pushpa Rishikesh

    April 28, 2019

    RADHE RADHE🙏🙏

    • hamari virasat

      hamari virasat

      April 29, 2019

      Radhe radhe

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