बहुत ही हृदयस्पर्शी यमुना माँ की आरती (Yamuna Maa Arti)
यमुना माँ की आरती (Yamuna Maa Arti)

यमुना माँ की आरती (Yamuna Maa Arti)

यमुना माँ की आरती (Yamuna Maa Arti)

यमुना माँ की आरती(Yamuna Maa Arti) बहुत ही हृदयस्पर्शी है।  जब यमुना नदी (yamuna river) के किनारे इन भावो को गया जाता है तो बहुत ही प्यारा अनुभव होता है। ऐसा लगता साक्षात् श्री कृष्णा रंग में यमुना महारानी हमें आशीर्वाद दे रही है।

ॐ जय यमुना माता, हरि जय यमुना माता जो नहावे फल पावे सुख दुःख की दाता ॐ जय यमुना माता

पावन श्रीयमुना जल अगम बहै धारा, जो जन शरण में आया कर दिया निस्तारा ॐ जय यमुना माता

जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे, यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे ॐ जय यमुना माता

कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही, तुम्हारा बड़ा महातम चारो वेद कही ॐ जय यमुना माता

आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो, नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो ॐ जय यमुना माता

नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी मन बेचैन भया हैं तुम बिन वैतरणी ॐ जय यमुना माताा

Yamuna Maa Arti

Om Jai Yamuna Mata, Hari Jo Nahave Phal Paave Sukh Dukh Ki Daata Om Jai Yamuna Mata

Paavan Shri Yamuna Jal Agam Bahe Dhaara Jo Jan Sharan Me Aaye Kar Diya Nistara Om Jai Yamuna Mata

Jo Jan Pratah Hi Uthkar Nitya Snaan Kare Yam Ke Traas Na Pave Jo Nitya Dhyan Kare Om Jai Yamuna Mata

Kalikaal Me Mahimaa Tumhaari Atal Rahi Tumhara Bada Mahaatam Chaaro Ved Kahi Om Jai Yamuna Mata

Aan Tumhaare Maata Prabhu Avtaar Liyo Nitya Nirmal Jal Peekar Kans Ko Maar Diyo Om Jai Yamuna Mata

Namo Maat Bhaye Harni Shubh Mangal Karni Man Bechain Bhaya Hai Tum Bin Vaitarni Om Jai Yamuna Mata

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