बोले हुए शब्द वापस कभी लौट कर नहीं आते

बोले(words) हुए शब्द कभी वापस नहीं आते।  इसकी गहराई को हम एक कहानी (hindi stories) के माध्यम से जानेंगे।  लेकिन उससे पहले आप को जानना चाहिए आप बचपन से ही सुनते आये होंगे कि आपके मम्मी पापा आपके बड़े हमेशा यही कहते है। कि बेटा जब भी बोलो तो नाप तोल कर बोलो जब भी बोलो तो सोचकर बोलो क्योंकि बोले हुए शब्द कभी वापस नहीं आते क्या पता आप कुछ ऐसा बोल जाओ सामने वाले का दिल दुखा जाए।

उसके बाद आप से सॉरी कह दोगे बहुत लोग आपको माफ़ भी कर देंगे। लेकिन सही मायने में वह बातें वह कभी नहीं भूल पाते अगर वो बातें दिल पे लग गयी हो। इसीलिए शब्द हमें हमेशा सोच समझकर बोलना चाहिए अगर नहीं बोलना तो चुप हो जाइए लेकिन फालतू कभी नहीं बोलना चाहिए।

आयी कहानी के माध्यम से अपने जीवन की कहानी को जानते है और शिक्षा लेते है (hindi stories)

एक बार एक किसान ने अपने पडोसी को भला बुरा कह दिया, पर जब बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। तो अपने किये पे बहुत पछताने लगा और सोचने लगा अब क्या करना चाहिए। तो वह एक संत जी के पास गया। उसने संत से अपने शब्द वापस लेने का उपाय पूछा।

संत ने किसान से कहा , ” तुम खूब सारे पंख इकठ्ठा कर लो , और उन्हें शहर  के बीचो-बीच जाकर रख दो ” किसान ने ऐसा ही किया और फिर संत के पास पहुंच गया। तब संत ने कहा , ” अब जाओ और उन पंखों को इकठ्ठा कर के वापस ले आओ”

किसान वापस गया पर तब तक सारे पंख हवा से इधर-उधर उड़ चुके थे। और किसान खाली हाथ संत के पास पहुंचा। तब संत ने उससे कहा कि ठीक ऐसा ही तुम्हारे द्वारा कहे गए शब्दों के साथ होता है। तुम आसानी से इन्हें अपने मुख से निकाल तो सकते हो पर चाह कर भी वापस नहीं ले सकते।

रिश्तो का मोल hindi stories

इस  कहानी से क्या  सीख मिलती है हम सभी को।

  • कभी भी किसी को अपशब्द न कहे अगर कह दिया है तो माफ़ी जरूर मांगे। क्यूंकि कहे शब्द वापस नहीं आ सकते पर प्रेम से माफ़ी मांगने पे शायद कुछ फर्क जरूर पड़े।
  • माफ़ी को कभी एक हथ्यार की तरह इस्तमाल न करे की कुछ भी बोल देंगे फिर माफ़ी तो मिल ही जाएगी। ये बात कभी न भूले हम इंसान को जब कोई बात दिल पे लग जाती है तो वो आपको माफ़ कर दे पर दिल ही दिल में आपसे दुरी बना लेते है कुछ लोग। तो हमेसा याद रखे शब्द अनमोल है इसका इस्तेमाल सही ढंग से हो।
  • आप किसी को बुरा कह देते है तो उसे कुछ पलो के लिए दुःख होता है। पर हमें उसे सोच सोच कर हरपाल दुःख होता है हमने ऐस क्यों कर दिया। किसी को बुरा बोल कर आप दुसरो को बाद में पहले खुद को जायदा तकलीफ देते है।

हम सभी आज  बहुत मॉडल होते जा रहे हैं हमारा मानना है।  कि हमारा जो मन करेगा वह करेंगे यह बात ठीक है।  आपका जो मन आए वह करो लेकिन जो कुछ हमारे संस्कार थे जो हमें भारतीय होने पर विरासत में मिले वो एक तरीके का नीव था।  और आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक नीव है।  जो एक मजबूत इमारत खड़ा करेगा।  हमारे संस्कार जितने प्रबल होंगे हम उतने ही मजबूत होंगे। इसलिए हमें  कुछ बातों को हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए।  उम्मीद है आपको यह स्टोरी पसंद आई होगी शेयर करना ना भूले। धन्यवाद

  1. Sapna

    शब्द सम्भाल के बोलिए शब्द के हाथ न पाँव
    एक शब्द है औषधि और एक शब्द है घाव

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