जंहा कृष्णा ने राधा संग और गोपियों सखा संग रंग गुलालों की होली खेली

मथुरा(Mathura holi 2019) वृन्दावन की होली(Vrindavan ki Holi 2019) प्रेम की होली होती है जंहा श्री कृष्णा ने राधा संग और गोपियों सखा संग रंग गुलालों की होली खेली। भारत में हर त्योहार बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है. लेकिन इन सब में होली की जगह अलग है. इस होली में भी ब्रज की होली की छटा अलग है,  कहते हैं कि जग में होली ब्रज में होला.. बाकी ज्यादातर जगहों पर जहां होली 1 दिन खेली जाती है, वहीं मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगांव, बरसाने में कुल एक हफ्ते तक होली चलती है. हर दिन एक अलग तरह की होली होती है. तो आप भी याद कर लीजिए ब्रज की होली की अलग-अलग तारीखें और घूम आइए मथुरा-वृंदावन.

Mathura holi

 बरसाना और नंदगाँव में लठमार होली:- 

15th March (Barsana) & 16 March (Nandgaon) 2019 बरसाने की लठमार होली की शुरुआत शुक्ल पक्ष की नवमी को होती है. 2019 में 15 मार्च को लठमार होली से एक हफ्ते चलने वाले होली के सप्ताह की शुरुआत होगी. नंदगांव (कृष्ण के गांव) के लड़के बरसाने जाते हैं और गोपियां उनके पीछे लठ लेकर भागती हैं और उन्हें मारती(प्रेम से) हैं.
वहीं पुरुष स्त्रियों के इस लठ के वार से बचने का प्रयास करते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परंपरा तब से है जब श्री कृष्ण होली के समय बरसाने आए थे. तब कृष्ण राधा और उनकी सहेलियों के साथ हंसी -ठिठोली करने लगे. उसके बाद श्री  राधा अपनी सखियों के साथ लाठी लेकर कृष्ण के पीछे दोड़ने लगीं. बस तब से बरसाने में लठमार होली शुरू हो गई. अगर आपको लठमार होली देखने जाना है तो 15th March को बरसाना(barsana) और 16 March को नंदगांव जा सकते हैं.
दो शहर हैं जो इस त्योहार को उत्साह के साथ मनाते हैं और ये हैं बरसाना और नंदगाँव।

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फूलों वाली होली, वृंदावन:-

17th March 2019  फागुन की एकादशी को वृंदावन में फूलों की होली मनाई जाती है. बांके बिहारी मंदिर में फूलों की ये होली सिर्फ 15-20 मिनट तक चलती है. शाम 4 बजे की इस होली के लिए समय का पाबंद होना बहुत जरूरी है. इस होली में बांके बिहारी मंदिर के कपाट खुलते ही पुजारी भक्तों पर फूलों की वर्षा करते हैं. 2019  में ये होली 17  मार्च यानी सोमवार को होगी.

Phulera dooj

विधवा की होली, वृंदावन:-  

18th March 2019 वृंदावन में देश के कई कोनों से आई विधवाएं रहती हैं. परिवार के लोग इन्हें यहां छोड़ देते हैं. रूढ़िवादी सोच में इन विधवाओं की होली से हर तरह का रंग खत्म कर दिया जाता है. कुछ ही साल पहले वृंदावन में विधवाओं की होली का चलन पागल बाबा के मंदिर से शुरू हुआ. अमूमन ये होली फूलों की होली के अगले दिन अलग-अलग मंदिरों में खेली जाती है. जीवन के रंगों से दूर इन विधवाओं को होली खेलते देखना बहुत सुंदर होता है. इसीलिए 2013 में शुरू हुआ ये इवेंट वृंदावन की होली के सबसे लोकप्रिय इवेंट में से एक हो गया है. 2019 की विधवाओं की होली राधा-गोपीनाथ(Gopinath Temple) मंदिर में 18th March को खेली जाएगी. इसका आयोजन सुलभ एनजीओ करता है.

बांके बिहारी मंदिर में रंगों की होली:- 

20th March 2019 बांके बिहारी वृंदावन में होली उत्सव का केंद्र है –  यहां का कार्यक्रम मुख्य होली त्योहार से ठीक एक दिन पहले होता है। मंदिर आने वाले सभी भक्तो  के लिए अपने दरवाजे खोल देता है और भक्त स्वयं भगवान के साथ होली खेलने आता है। पुजारी रंग और पवित्र जल फेंकते हैं और भीड़ एक साथ इकठा हो जाती है। बांके बिहारी मंदिर में होली का भव्य आयोजन होता है जिसे देखने पूरी दुनिया से पर्यटक आते हैं।

मंदिर के दरवाजे सुबह 9 बजे खुलते हैं और दोपहर 1.30 बजे तक बंद हो जाते हैं।

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मथुरा में होली का जुलूस:-

20th March 2019 वृंदावन में होली के उत्सव के बाद दोपहर 2 बजे के करीब, मथुरा से बाहर निकलकर लोग  रंगीन होली के जुलूस में भाग लेते हैं। जुलूस विश्राम घाट पर शुरू होता है और होली गेट से थोड़ा आगे निकल जाता है। यह दो स्थलों को जोड़ने वाली गली में आप इसका लुप्त उठा सकते है। लगभग दस वाहन फूलों से सजाए जाते है , और कुछ बच्चे  राधा-कृष्ण के रूप में तैयार  होकर इसमें  भाग लेते है। दोपहर 3 बजे वहां जाने पर आप भी  इसका हिस्सा बन सकते है ये अच्छा समय है। हर कोई हर किसी के साथ होली खेलता है।  राधा कृष्णा प्रेम रंग में भीग जाते है  और पूरी तरह से रंगीन हो जाते है।

मथुरा में होली का त्योहार:-

21st March 2019 बड़े होली के दिन, सबसे बड़ा त्योहार मथुरा में ऐतिहासिक द्वारकाधीश मंदिर में होता है। हालांकि,  दिन की शुरुआत सुबह 7 बजे करे। विश्राम घाट पर जाएं और पुजारियों द्वारा भांग बनाने की प्रक्रिया को देखे जो अपने आप में खास है। यदि संभव हो, तो खुद भी एक गिलास लें (अधिक नहीं)। मंदिर के अंदर का माहौल वास्तव में अद्भुत होता है, होली का पैमाना छोटा है और यह स्थान बहुत अधिक मित्रवत है। पुजारी ढोल बजाते हैं और आप वहां नृत्य में भी शामिल हो सकते हैं। मंदिर के अंदर, अधिक महिलाएं होली खेलती हैं।

दाऊजी मंदिर में हुरंगा:-

22nd March 2019 दाऊ जी के मंदिर में होली के अगले दिन मनाया जाने वाला ये त्योहार 500 साल पुराना है. इस मंदिर के सेवादार परिवार की महिलाएं पुरुषों के कपड़े फाड़कर उनसे उन्हें पीटती हैं. इस परिवार में अब 300 से ज्यादा लोग हैं. ऐसे में ये त्योहार देखने वाला होता है. इस साल ये त्योहार 22 मार्च को 12.30 से 4 बजे तक मनाया जाएगा. दाऊ जी का मंदिर मथुरा से 30 किलोमीटर दूर है. इसके साथ ही इस त्योहार में बेहद भीड़ होती है. इसलिए सुबह जल्दी पहुंचना जरूरी होता है.

मथुरा की होली काफी रंगीन होती है. मगर हर जगह की तरह इसमें कई बार असामाजिक तत्व भी होते हैं. ऐसे में लोगों को (खासतौर पर लड़कियों) को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए. अकेले नहीं, ग्रुप में जाइए. अपने कैमरा, मोबाइल को पानी से बचाने का पूरा इंतजाम रखिए. अगर भांग चखने का मन हो तो उसमें अपनी हद याद रखिए.  इसके अलावा अपने पैसों, वगैरह के लिए 1 बैग साथ में रखिए. कहिए होली है.

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