राजन जी महाराज के भजन lyrics -Rajan ji Maharaj bhajan lyrics

राजन जी महाराज के भजन lyrics -Rajan ji Maharaj bhajan lyrics

हिंदी में पढ़े भजन की लिरिक्स,

लिरिक्स-जगत में कोई ना परमानेंट-पूज्य राजन जी महाराज:-

जगत में कोई ना परमानेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,
तेल चमेली चन्दन साबुन,
चाहे लगालो सेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,

आवागमन लगी दुनियाँ में,
जगत है रेस्टोरेंट,
रे प्यारे जगत है रेस्टोरेंट,
अंत समय में उड़ जायेंगे,
तेरे तम्बू टेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,

हरिद्वार चाहे मथुरा काशी,
घुमो दिल्ली केंट,
रे प्यारे घूमों दिल्ली केंट,
मन में नाम प्रभुः का राखो,
चाहे धोती पहनो या पेण्ट,
जगत में कोई ना परमानेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,
मन में नाम गुरु का राखो,
चाहे धोती पहनो या पेंट,

जगत में कोई ना परमानेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,

राष्ट्रपति या जर्नल कर्नल
चाहे हो लेफ्टिनेंट,
ये काल सभी को जाएगा,
लेडीज हो या जेन्ट्स,
जगत में कोई ना परमानेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,

साधू संत की संगत कर लो,
ये सच्ची गवरमेंट,
रे प्यारे ये सच्ची गवरमेंट,
लाल सिंह कहे इस दफ्तर
मत होना अबसेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,
तेल चमेली चन्दन साबुन,
चाहे लगालो सेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,

जय सिया राम।

2. राम कथा सुन कर जाना(Ramkatha Sunkar Jana Lyrics)

जीवन का निष्कर्ष यही है

प्रभु प्रेम में लग जाना

आओ सब मिल बैठो प्यारे

राम कथा सुन कर जाना

जीवन का निष्कर्ष यही है

प्रभु प्रेम में लग जाना

आओ सब मिल बैठो प्यारे

राम कथा सुन कर जाना

राम कथा की पावन गंगा

अविरल बहती जाए

प्रेम भाव की शीतल लहरें

भीतर तक नेहलाये

कुछ बाते है सुनने लायक

कुछ बाते बुन कर जाना

आओ सब मिल बैठो प्यारे

राम कथा सुन कर जाना

उत्तम बने विचार यही

मतलब है राम कथा का’

औरो की पीड़ा का हो

मन में आभास व्यथा का

कुल परिवार ओढ़ ले प्यारे

वो चादर बुनकर जाना

आओ सब मिल बैठो प्यारे

राम कथा सुन कर जाना

तुलसीदास भगीरथ बन कर

तपजप किये अभंगा

तब जाकर मानस से निकली

पाप नाशिनी गंगा

राम कथा गंगा में राजन

तिरते तिरते तर जाना

जीवन का निष्कर्ष यही है

प्रभु प्रेम में लग जाना

आओ सब मिल बैठो प्यारे

राम कथा सुन कर जाना

आओ सब मिल बैठो प्यारे

राम कथा सुन कर जाना||

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3. बात छोटी है सर को हिला दीजिये | Lyrics, Video | Raam Bhajans

बात छोटी है सर को हिला दीजिये
पाँव अपना प्रभुजी धुला लीजिये

हम है अनपढ़ कोई भूल हो ही गयी
आप मालिक है सब कुछ भुला दीजिये
बात छोटी है सर को हिला दीजिये

बात छोटी है सर को हिला दीजिये
पाँव अपना प्रभुजी धुला लीजिये

गैर मल्लाह आएगा हरगिज नहीं
नाम लेकर हाँ नाम लेकर किसी को बुला लीजिये
नाम लेकर किसी को बुला लीजिये
बात छोटी है सर को हिला दीजिये

चाह दोनों की है देर किस बात की
शीघ्र ही शीघ्र ही कुछ फैसला कीजिये
बात छोटी है सर को हिला दीजिये

4. प्रभु मुझ अनाथ पर दया कीजिये लिरिक्स (हिन्दी):-

प्रभु मुझ अनाथ पर दया कीजिये
आप अपने चरणों को धुला लीजिये

मेरे घट आ गए है चरण को बढाईये
आईये करीब आके चरण को धुलायिये
हाथ मेरी माथे पर रख दीजिये
आप अपने चरणों को धुला लीजिये

रीतियों से केवटो का पार करना काम है
पार करते आप सबको केवटो का नाम है
मेरी हर बात पर गौर कीजिये
आप अपने चरणों को धुला लीजिये

चरण को धुला करके नाव में बिठाया
नाव में बिठा कर के पार पहुचाया
पार किया है तुमको मुझे तारिये  
आप अपने चरणों को धुला लीजिये

प्रभु मुझ अनाथ पे दया कीजिये
आप अपने चरणों को धुला लीजिये

5. तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार:-

राम नाम सोहि जानिये, जो रमता सकल जहान
घट घट में जो रम रहा, उसको राम पहचान

तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार, उदास मन काहे को करे ।

नैया तेरी राम हवाले, लहर लहर हरि आप सँभाले |
हरि आप ही उठावे तेरा भार, उदास मन काहे को करे ||

काबू में मँझधार उसी के, हाथों में पतवार उसी के ।
तेरी हार भी नहीं है तेरी हार, उदास मन काहे को करे ||

सहज किनारा मिल जायेगा, परम सहारा मिल जायेगा ।
डोरी सौंप के तो देख एक बार, उदास मन काहे को करे ||

गर निर्दोष तुझे क्या डर है, पग पग पर साथी ईश्वर है ।
जरा भावना से कीजिये पुकार, उदास मन काहे को करे ||

6. Agar Nath Dekhoge Avgun Humare ( Pujya Rajan Ji):-

 इस भजन की रचना प्रातः स्मरणीय परम पूज्य साकेतवासी श्री राजेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने की है

अगर नाथ देखोगे अबगुण हमारे ,
तो हम कैसे भव से लगेंगे से किनारे|
अगर नाथ देखोगे अबगुण हमारे …

पतितो को पावन है करते कृपानिधि ..*3
किया पाप है सुयस के सहारे |
अगर नाथ देखोगे अबगुण हमारे …

हमारे लिया क्यों देहरी किए हो …*3
हे गणिता अ जामिल वो पल भर में तारे|
अगर नाथ देखोगे अबगुण हमारे …

यह माना अधम है अपावन कुटिल है …*3
सब कुछ है लेकिन है भगवन तुम्हारे |
अगर नाथ देखोगे अबगुण हमारे …

ये मन होगा निर्मल तुम्हारे कृपा से …*3
इसे शुद्ध करने में राजेश हारे |
अगर नाथ देखोगे अबगुण हमारे …

अगर नाथ देखोगे अबगुण हमारे ,
तो हम कैसे भव से लगेंगे से किनारे|
अगर नाथ देखोगे अबगुण हमारे …2

7. हम राम जी के राम जी हमारे हैं लिरिक्स:-

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।
मेरे नयनों के तारे हैं,
सारे जग के रखवाले हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

एक भरोसो एक बल, एक आस विश्वास,
एक राम घनश्याम हित, जातक तुलसी दास,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

जो लाखो पापियों को तारे हैं,
जो अधमन को उद्धारे हैं,
हम उनकी शरण पधारे हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

शरणागत आर्त निवारे हैं,
हम इनके सदा सहारे हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

गणिका और गिद्ध उद्धारे हैं,
हम खड़े उन्हीके के द्वारे हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

8. अनमोल तेरा जीवन यूँ ही गँवा रहा है लिरिक्स ANMOL TERA JIVAN YU HI GAVA RAHA HAI LYRICS:-

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँहीं गवाँ रहा है,
(अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूहीं गवाँ रहा है,)

सपनों की नींद में ही, यह रात ढल ना जाएं,
पल भर का क्या भरोसा, कही जान निकल ना जाएं,
गिनती की है ये साँसें, यूँही लुटा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँहीं गवाँ रहा है,
(अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूहीं गवाँ रहा है,)

जायेगा जब यहाँ से, कोई ना साथ देगा,
इस हाथ जो दिया है, उस हाथ जाके लेगा,
कर्मों की है ये खेती, फल आज पा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँहीं गवाँ रहा है,
(अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूहीं गवाँ रहा है,)

ममता के बंधनों ने, क्यों आज तुझको घेरा,
सुख में सभी हैं साथी, कोई नहीं है तेरा,
तेरा ही मोह तुझको, कब से रूला रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँहीं गवाँ रहा है,
(अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूहीं गवाँ रहा है,)

जब तक है भेद मन में, भगवान से जुदा है,
खोलों जो दिल का दर्पण, इस घर में ही खुदा है,
सुख रुप हो के भी तू, दुख आज पा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँहीं गवाँ रहा है,
(अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूहीं गवाँ रहा है,)

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूँहीं गवाँ रहा है,
(अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है,
किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है,
अनमोल तेरा जीवन, यूहीं गवाँ रहा है,)

9. राम गुण गाया नहीं गायक हुआ तो क्या हुआ भजन लिरिक्स:-

राम गुण गाया नहीं, गायक हुआ तो क्या हुआ,
पितु मातु मन भाया नहीं, लायक हुआ तो क्या हुआ,

गंगा नहाये प्रेम से, धोये धोय तन निर्मल किया,
मन मैंला धोया नही, गंगा नहाये से क्या हुआ,
राम गुण गाया नही, गायक हुआ तो क्या हुआ,

गाड़ी चढ़ छेला बणे वे, बागों में मैं घूमता,
घर की सती रोती रहे, बाबू बने तो क्या हुआ,
राम गुण गाया नही, गायक हुआ तो क्या हुआ,

खाकर नमक मालिक का, सेवा भी मुँख मोड़ता,
वो नोकर नमक हराम है, चाकर हुआ तो क्या हुआ,
राम गुण गाया नही, गायक हुआ तो क्या हुआ,

विद्या पढ़ पढ़ ज्ञानी बन गया, राम रंग रच्या नहीं,
दिल खोया वाद विवाद में, फिर पछताए क्या हुआ,
राम गुण गाया नही, गायक हुआ तो क्या हुआ,

मात पिता की जीते जी, सेवा तुमसें न बनी,
मरे पीछे श्राद्ध या तर्पण, करे तो क्या हुआ,
राम गुण गाया नही, गायक हुआ तो क्या हुआ,

राम गुण गाया नहीं, गायक हुआ तो क्या हुआ,

10. सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है लिरिक्स SIYA BANI DULHAN LYRICS:-

सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
दूल्ह रघुराई है,
जनक घर आए हैं,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है।

किसके सिर पर,
मुकुट सजो है,
किसकी मोतियन,
मांग भराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है।

राम जी के सिर पर,
मुकुट सजो है,
सिया जी की मोतियन,
मांग भराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है।

किस के संग,
पीतांबर सजो है,
किस की चुनरी में,
गांठ लगाई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है।

राम जी के तन,
पीतांबर सजो है,
सिया जी की चुनरी में,
गांठ लगाई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है।

किस के घर में बजी,
शहनाई है,
किस की मैया ने,
रुदन मचाई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है।

राजा दशरथ घर,
बजी शहनाई है,
सिया जी की मैया ने,
रुदन मचाई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है।

सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
दूल्ह रघुराई है,
जनक घर आए हैं,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है,
सिया बनी दुल्हन,
दूल्हा रघुराई है।

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