बिहार म्यूजियम, पटना (Bihar Museum): टिकट, समय, इतिहास और प्रमुख आकर्षण
बिहार की प्राचीन कला, इतिहास और विरासत का आधुनिक संग्रहालय
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विवरण / Details
बिहार म्यूजियम (Bihar Museum), पटना बिहार के इतिहास, पुरातत्त्व, मूर्तिकला और लोकसंस्कृति को समझने का प्रमुख आधुनिक संग्रहालय है। यहाँ दीदारगंज यक्षी, बौद्ध कलाकृतियाँ, सिक्के, पांडुलिपियाँ और बिहार के सांस्कृतिक इतिहास से संबंधित अनेक वस्तुएँ देखी जा सकती हैं। संग्रहालय ने अगस्त 2015 में आंशिक रूप से और अक्टूबर 2017 में अपनी शेष प्रमुख दीर्घाओं के साथ आम दर्शकों का स्वागत किया।
बिहार म्यूजियम: एक नजर में
जानकारी
विवरण
नाम
बिहार म्यूजियम (Bihar Museum)
पता
नेहरू पथ (बेली रोड), पटना, बिहार 800001
मुख्य गैलरियों का समय
मंगलवार–रविवार, सुबह 10:00 से शाम 5:00 बजे
साप्ताहिक अवकाश
सोमवार
भारतीय वयस्क टिकट
₹100
भारतीय बच्चों का टिकट
₹50
अंतरराष्ट्रीय वयस्क/बच्चे
₹500 / ₹250
मुख्य आकर्षण
दीदारगंज यक्षी, प्राचीन बौद्ध कला और ऐतिहासिक गैलरियाँ
जरूरी सूचना: शाम 5 बजे के बाद रियायती प्रवेश उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं कि मुख्य ऐतिहासिक गैलरियाँ खुली होंगी। मुख्य संग्रह देखने के लिए सुबह या दोपहर में जाएँ। टिकट और समय बदल सकते हैं; यात्रा से पहले संग्रहालय की आधिकारिक visitor information देखें।
Bihar Museum Ticket Price और Opening Hours
श्रेणी
सामान्य प्रवेश शुल्क
भारतीय वयस्क
₹100
भारतीय बच्चे
₹50
अंतरराष्ट्रीय वयस्क
₹500
अंतरराष्ट्रीय बच्चे
₹250
मुख्य गैलरियाँ सामान्यतः सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुलती हैं। Children’s Gallery, संग्रहालय की दुकान और कुछ सुविधाओं के लिए शाम 7 बजे तक का समय दर्ज है। संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। शाम 5–7 बजे के रियायती टिकट में भारतीय वयस्क ₹50 और भारतीय बच्चे ₹25 की दर प्रकाशित है, लेकिन सभी गैलरियाँ उस समय देखने को नहीं मिलतीं। यात्रा वाले दिन वर्तमान शुल्क और उपलब्ध क्षेत्रों की पुष्टि करें।
लगभग 153 सेंटीमीटर ऊँची चुनार बलुआ पत्थर की यह प्रतिमा पटना के दीदारगंज क्षेत्र में 1917 में मिली थी। संग्रहालय के अनुसार इसका संबंध लगभग तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से है। चमकदार सतह, सुंदर मुद्रा और बारीक आभूषण इसकी विशेषताएँ हैं। यह बिहार की प्राचीन मूर्तिकला का चर्चित उदाहरण है। स्रोत: Bihar Museum।
2. कुर्किहार की बौद्ध कांस्यकला
बिहार के कुर्किहार क्षेत्र से संबद्ध बौद्ध कांस्य प्रतिमाएँ पूर्वी भारत में विकसित पालकालीन कला का परिचय देती हैं। इन प्रतिमाओं में धातु-कला, धार्मिक प्रतीक और मूर्तिकारों की कुशलता देखी जा सकती है। आधिकारिक संग्रह विवरण।
3. बुद्ध जन्म की कलाकृति
संग्रहालय की संग्रह-सूची में बुद्ध जन्म को दर्शाने वाली कुषाणकालीन कलाकृति शामिल है, जिसका संबंध स्वात क्षेत्र से बताया गया है। इससे समझ आता है कि संग्रहालय का कला-संदर्भ व्यापक भारतीय उपमहाद्वीप की परंपराओं से भी जुड़ता है। आधिकारिक विवरण।
4. सिक्के, पांडुलिपियाँ और टेराकोटा
ऐतिहासिक सिक्के, टेराकोटा की वस्तुएँ और पांडुलिपियाँ अतीत की अर्थव्यवस्था, कला, लेखन और दैनिक जीवन को समझने में मदद करती हैं। संग्रह और प्रदर्शन अलग-अलग समय पर बदल सकते हैं। संग्रह सूची।
5. Children’s Gallery
बच्चों के लिए बनाई गई गैलरी में इतिहास, प्रकृति और संस्कृति से जुड़ी अनुभवात्मक गतिविधियाँ मिलती हैं। परिवार के साथ आने पर इसके लिए अलग समय रखना उपयोगी होगा। Children’s Gallery की जानकारी।
बिहार म्यूजियम का इतिहास: 1917 से आधुनिक संग्रहालय तक
पुराने पटना म्यूजियम की स्थापना 1917 में हुई थी। समय के साथ उसके संग्रह में ऐतिहासिक वस्तुएँ बढ़ीं और आधुनिक संरक्षण तथा प्रदर्शनी के लिए बड़े परिसर की आवश्यकता महसूस की गई। इसी पृष्ठभूमि में नए बिहार म्यूजियम की योजना बनी। अगस्त 2015 में संग्रहालय का एक हिस्सा खोला गया और अक्टूबर 2017 में प्रमुख गैलरियाँ उपलब्ध हुईं।
बिहार म्यूजियम और पुराना पटना म्यूजियम दो अलग संस्थान हैं। नए संग्रहालय का ऐतिहासिक फोकस मुख्यतः 1764 तक की विरासत पर है; इसका अर्थ यह नहीं कि उसकी प्रत्येक वस्तु इसी समय से पहले की है। संग्रहालय का आधिकारिक इतिहास।
Orientation Gallery संग्रहालय के विषयों का परिचय देती है। Gallery A और Gallery B प्राचीन इतिहास, मगध, मौर्य, शुंग, कुषाण, गुप्त और पालकालीन विषयों को समझने में सहायक हैं। Gallery C मध्यकालीन इतिहास और कलात्मक परंपराओं से संबंधित है। Historical Art Gallery, Regional Art Gallery, Bihari Diaspora Gallery और Visible Storage संग्रह का अलग-अलग दृष्टियों से परिचय देती हैं। Contemporary Art Gallery वर्तमान कलात्मक अभिव्यक्तियों के लिए स्थान उपलब्ध कराती है।
किसी विशेष वस्तु की वर्तमान गैलरी में उपलब्धता संरक्षण या प्रदर्शनी बदलाव से प्रभावित हो सकती है। आधिकारिक गैलरी जानकारी।
वास्तुकला: आधुनिक डिजाइन में क्षेत्रीय पहचान
बिहार म्यूजियम की डिजाइन जापान की Maki and Associates ने भारतीय फर्म Opolis के सहयोग से विकसित की। लगभग 13.2 एकड़ के परिसर में कई आपस में जुड़े भवन, खुले प्रांगण और प्रदर्शनी स्थल हैं। वेदरिंग स्टील, पत्थर, टेराकोटा और काँच जैसी सामग्री इसके आधुनिक स्थापत्य की पहचान है। वास्तुकार का परियोजना विवरण।
बिहार म्यूजियम कैसे पहुँचें?
स्थान: बिहार म्यूजियम, नेहरू पथ (बेली रोड), पटना, बिहार 800001। Google Maps पर दिशा देखें। मानचित्र परिसर का स्थान दर्शाता है; प्रवेश द्वार का सटीक बिंदु अलग हो सकता है।
संग्रहालय पटना के नेहरू पथ (बेली रोड) पर स्थित है। पटना जंक्शन और जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से टैक्सी या उपलब्ध स्थानीय परिवहन के माध्यम से पहुँचा जा सकता है। मार्ग, यातायात और यात्रा समय वास्तविक परिस्थितियों पर निर्भर होगा।
यह Hamari Virasat का सुझाया गया समय-विभाजन है, संग्रहालय का आधिकारिक tour schedule नहीं। बच्चों के साथ आने पर Children’s Gallery के लिए 45–60 मिनट अतिरिक्त रख सकते हैं।
सुविधाएँ और Accessibility
संग्रहालय की visitor information में व्हीलचेयर (उपलब्धता के आधार पर), सुलभ शौचालय, लिफ्ट, baby-care सुविधा, सामान रखने का स्थान, पेयजल, पार्किंग, दुकान और जलपान जैसी सुविधाएँ सूचीबद्ध हैं। जिन पर्यटकों को विशेष सहायता की आवश्यकता है, वे पहले संग्रहालय से संपर्क करें। आधिकारिक सुविधाएँ।
बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम में अंतर
पटना म्यूजियम एक पुरानी संस्था है जिसकी शुरुआत 1917 में हुई थी; बिहार म्यूजियम 2015 में शुरू हुआ अलग आधुनिक परिसर है। दोनों की ऐतिहासिक विरासत जुड़ी है, लेकिन इनके भवन, प्रदर्शन और आगंतुक व्यवस्थाएँ अलग हैं। पुराने संग्रहालय या उनके बीच प्रस्तावित संपर्क परियोजना की उपलब्धता यात्रा से पहले जाँच लें।
बिहार म्यूजियम की 2026 विश्व रैंकिंग
स्वतंत्र ट्रैवल पब्लिकेशन Worth a Journey की World’s 100 Best Museums 2026 सूची में बिहार म्यूजियम को 9वां स्थान मिला। यह UNESCO की रैंकिंग नहीं है। विस्तृत जानकारी के लिए Hamari Virasat पर Bihar Museum World Ranking 2026 की रिपोर्ट पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिहार म्यूजियम कहाँ स्थित है?
यह पटना के नेहरू पथ (बेली रोड), बिहार 800001 में स्थित है।
बिहार म्यूजियम का टिकट कितना है?
सामान्य भारतीय वयस्क टिकट ₹100 और बच्चों का टिकट ₹50 प्रकाशित है। वर्तमान दरों की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट पर करें।
बिहार म्यूजियम किस दिन बंद रहता है?
संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। विशेष अवकाश पर भी समय बदल सकता है।
क्या शाम 6 बजे दीदारगंज यक्षी देख सकते हैं?
मुख्य इतिहास गैलरियाँ सामान्यतः शाम 5 बजे तक हैं, इसलिए शाम 6 बजे उस कलाकृति को देखने की योजना न बनाएँ।
कितना समय रखें?
पहली यात्रा में मुख्य आकर्षणों के लिए लगभग 3–4 घंटे का समय रखना उपयोगी है।
आगंतुक जानकारी की जाँच: 1 नवंबर 2026। यह Hamari Virasat की स्वतंत्र heritage directory entry है; आधिकारिक संग्रहालय वेबसाइट नहीं। टिकट, गैलरियाँ और सुविधाएँ बदल सकती हैं।