Spirituality means-आध्यात्मिकता का अर्थ है आजकल की युवा पीढ़ी को पता भी नहीं होगा की आध्यात्मिकता(spirituality) है क्या ? उनकी समझ से आध्यात्मिकता का मतलब है, किसी मंदिर में बैठ कर भगवान के सामने भजन करना या कोई पूजा करना है । लेकिन सच्चाई इस से बहुत अलग है। आध्यात्मिकता का मतलब भगवान से जुड़ना है…

श्री यमुनाष्‍टक(yamunashtakam) का पाठ यमुना अष्टकम(yamunashtakam), महाप्रभु वल्लभाचार्य द्वारा रचित 9 छंद वाली संस्कृत कविता है। जो की 16 वीं शताब्दी के भक्ति संत, महाप्रभु वल्लभाचार्य। उनके अनुयायियों को पुष्टिमार्गी वैष्णव के रूप में जाना जाता है। यमुना अष्टकम का पाठ करना और यमुना महारानी से प्रार्थना करना व्यक्तिगत कमजोरियों पर विजय पाने में मदद…

गोपी गीत इतना श्रेष्ठ क्यों है? श्रीमद्भागवत में दशम स्कंध में गोपी गीत आता है। ये गोपी गीत भगवान कृष्ण को साक्षात् पाने का मन्त्र है। भगवान कृष्ण को पाने के जितने भी तरीके हैं या होंगे उनमे से एक गोपी गीत है। इस गोपी गीत(gopi geet) में उन्नीस श्लोक हैं। जब भगवान शरद पूर्णिमा की रात में…

गोपी गीत-Gopi Geet गीत जो गोपियों ने श्री कृष्ण को सुनाया था जिसे गोपी गीत(gopi geet) गोपी गीत पाठ कहते है।इससे श्री कृष्णा जी के चरणों में न सिर्फ प्रेम की प्राप्ति होती है बल्कि जीवन में साक्षात् युगल सरकार  की अनुभूति होती है। यहाँ पर आप गोपी गीत हिंदी और गोपी गीत संस्कृत में(Gopi Geet in Sanskrit and…

राधा कृपाकटाक्ष(radha kripa kataksh) राधा कृष्ण के दर्शन कराने वाला स्रोत श्रीराधाजी की स्तुतियों में श्रीराधा कृपाकटाक्ष स्तोत्र(radha kripa kataksh stotra) का स्थान सर्वोपरि है। इसीलिए इसे ‘श्रीराधा कृपाकटाक्ष स्तवराज’ नाम दिया गया है अर्थात् स्तोत्रों का राजा। व्रजभक्तों में इस स्तुति को अत्यन्त सम्मान का स्थान प्राप्त है। यह स्तोत्र बहुत प्राचीन है। भक्तों की…

श्रीमद्भागवत(shrimad bhagwat) का हमारे जीवन में प्रभाव श्रीमद्भागवत(shrimad bhagwat) कथा मानव को मृत्यु के भय से मुक्त कर देती है।  जिन पर परमात्मा की विशेष कृपा हुई है, वही इस कथा मंडप में पहुंचे हैं। कहा, जीव ईश्वर का स्वरूप होते हुए भी ईश्वर को पहचानने का प्रयत्न नहीं करता है। इसी कारण उसे आंनद की…

ऐसा शुरू हुई श्रीमद्भागवत(Shrimad Bhagwat) कथा सुनने की परंपरा श्रीमद्भागवत कथा (Shrimad Bhagwat)  श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से…

  सुन्दर रज तिलक भाल, बाँकी भृकुटी बिसाल, रतनारे नैंन नेह भरे दरस पाऊँ। वारौं छवि चंद वदन, सोभा सुख सिंधु सदन, नासावर कीर कोटि काम को लजाऊँ॥ अधर अरुन दसन पाँति, कुंदकलिका बिसाँति, कमल कोस आनन दृग मधुप लै बसाऊँ॥ मधुर वचन मंद हास, होत चाँदनी प्रकास, जै जै श्रीहरिदास रसिक भगवत गुन गाऊँ॥…

वृंदा कैसे बनी तुलसी-तुलसी जी का विवाह(Tulsi Vivah 2018) राक्षस कुल में जन्मी यह बच्ची बचपन से ही भगवान विष्णु की भक्त थी। जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में ही दानव राज जलंधर से संपन्न हुआ। राक्षस जलंधर समुद्र से उत्पन्न हुआ था। वृंदा बड़ी ही पतिव्रता स्त्री थी, सदा अपने…

हमारी विरासत की तरफ से नवरात्रि की शुभकामनाएं आप सभी के लिए शारदीय नवरात्री बहुत ही मंगलमय हो। माँ की शक्ति माँ की भक्ति वही करते है जिनपे माँ की कृपा हो जाती है। कृपामयी माँ का आशीर्वाद हम सभी पर सदा बना रहे। इसके साथ ही सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं भेजे  खुशिया बाटें एक…