राधा-कृष्ण का प्रेम मंदिर वृन्दावन का प्रेम मंदिर(Radha-krishna prem mandir vrindavan):- प्रेम मंदिर (prem mandir)वृंदावन में स्थित है। इसका निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा के मन्दिर के रूप में करवाया गया है। बाहर से देखने में यह जितना भव्य लगता है, उतना ही अंदर से भी देखने में लगता है। यह मंदिर सफेद इटालियन संगमरमर से बनाया गया है। इसमें प्राचीन भारतीय शिल्पकला की झलक भी देखी जा सकती है। prem mandir vrindavan प्रेम मंदिर (Prem Mandir) उत्तर प्रदेश के पावन धाम वृंदावन में स्थित एक दिव्य आध्यात्मिक स्थल है। ‘प्रेम’ के नाम पर समर्पित यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के साथ-साथ भगवान राम और माता सीता की भक्ति का प्रतीक है। 54 एकड़ में फैले इस भव्य मंदिर का निर्माण जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा करवाया गया था।
राज्य: उत्तर प्रदेश जिला: मथुरा देश: भारत पूर्ण: 17 February 2012
vrindavan ka prem mandir
प्रेम मंदिर का इतिहास और निर्माण (History & Construction):-
प्रेम मंदिर वृंदावन की बाहरी दीवारों पर श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं को शिल्पकारों ने मूर्त रूप दिया गया है। ये मंदिर वृंदावन की एक अद्वितीय आध्यात्मिक संरचना है.
इस मंदिर के ध्वज को मिलाकर इसकी ऊँचाई 125 ft. है जिसमे 190 ft.लम्बा और 128 ft. चौड़ा चबूतरा है. मंदिर के चबूतरे पर एक परिक्रमा मार्ग का निर्माण किया गया है. जिसके द्वारा श्री कृष्ण राधा की लीलाओं के 48 स्तंभों की खूबसूरती का दृश्य देखा जा सकता है
जिनका निर्माण मंदिर की बाहरी दीवारों पर किया गया है. मंदिर की दीवारे 3.25 ft. मोटी है. मंदिर की गर्भ गृह की दीवार की मोटाई 8 ft है जिस पर एक विशाल शिखर, एक स्वर्ण कलश और एक ध्वज रखा गया है. मंदिर की बाहरी परिसर में 84 स्तंभ है जो श्री कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करते है जिनका उल्लेख श्रीमद भगवद में किया गया है.ये मंदिर वृंदावन की एक अद्वितीय आध्यात्मिक संरचना है.मंदिर में लगाये गये पैनल को श्रीमद् भगवत गीता से लिया गया है।
इस मंदिर के ध्वज को मिलाकर इसकी ऊँचाई 125 ft. है जिसमे 190 ft.लम्बा और 128 ft. चौड़ा चबूतरा है. मंदिर के चबूतरे पर एक परिक्रमा मार्ग का निर्माण किया गया है.
जिसके द्वारा श्री कृष्ण राधा की लीलाओं के 48 स्तंभों की खूबसूरती का दृश्य देखा जा सकता है जिनका निर्माण मंदिर की बाहरी दीवारों पर किया गया है.
मंदिर की दीवारे 3.25 ft. मोटी है. मंदिर की गर्भ गृह की दीवार की मोटाई 8 ft है जिस पर एक विशाल शिखर, एक स्वर्ण कलश और एक ध्वज रखा गया है.
मंदिर की बाहरी परिसर में 84 स्तंभ है जो श्री कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करते है जिनका उल्लेख श्रीमद भगवद में किया गया है. vrindavan prem mandir
प्रेम मंदिर वृंदावन फोटो
चारों तरफ कृष्णमयी माहौल:-
प्रेम मंदिर(prem mandir vrindavan) का नजारा इतना अद्भुत है कि इसे देखकर कोई भी राधे-राधे कहे बिना नहीं रह सकता। इसकी अलौकिक छटा भक्तों का मन मोह लेती है। इसमें भक्त वैसे ही खींचे चले आते हैं, जैसे कृष्ण अपनी लीलाओं से सबका मन मोह लिया करते थे। यहां की दीवारों पर हर तरफ राधा-कृष्ण की रासलीला वर्णित है।
Prem Mandir Vrindavan Night View
प्रेम मंदिर की दिव्यता :-
जैसे ही आप मंदिर के अंदर अपने कदमों को रखते हैं तो आप को एक अलग सा प्रतीत होता है चारों तरफ राधा कृष्णा और उनकी दिव्य छवियाँ आकर्षित करती है जहां उनके बचपन के बारे में दर्शया गया है, माँ यशोदा नंदबाबा ग्वाल बाल सखियों के साथ अद्भुत प्रतिमाये है . बस इतना ही नहीं श्री कृष्ण भगवान की गोपियों के साथ रासलीला करते हुए और जब बाल कृष्ण ने गोवर्धन को अपने कनिष्ठ उंगली पर उठाया था और सभी ब्रज वासियो की इंद्र भगवन के कोप से रक्षा की थी उसकी भी अद्भुत दृश्य को दर्शया गया है।
प्रेम मंदिर समय सारणी 2026 (Prem Mandir Vrindavan Timings)
मंदिर में दर्शन और आरती का समय नियत है। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे शाम के समय आएं ताकि लाइटिंग का आनंद ले सकें।
समय (Time)
कार्यक्रम (Schedule)
05:30 AM
मंदिर के पट खुलना (मंगला आरती)
08:30 AM
दर्शन और श्रृंगार आरती
11:45 AM
राजभोग आरती
12:00 PM
मंदिर के पट बंद (दोपहर विश्राम)
04:30 PM
सायंकालीन दर्शन प्रारंभ
07:00 PM – 07:30 PM
म्यूजिकल फाउंटेन शो (Musical Fountain)
08:00 PM
संध्या आरती
08:30 PM
शयन आरती और पट बंद
प्रेम मंदिर की भव्यता रात में कई गुना अधिक बढ़ जाती है। रात में मंदिर की लाइटिंग कई रंग बदलती है। वहीं झांकियां भी एक्शन करती हुई नजर आती हैं। पूरा परिसर जगमगा उठता है। हर रोज शाम को करीब आधे घंटे का यहां फाउंटेन शो भी होता है। vrindavan ka prem mandir
राधा कृष्णा दर्शन :-
प्रेम मंदिर(prem mandir) में राधा कृष्णा की छवि बहुत ही प्यारी है जिनका दर्शन करके बहुत ही सुकून और शांति मिलती है। और मंदिर के अंदर का प्रागण एक अनोखा ढंग का है और सजावट भी निराली है। राधा कृष्णा के सामने बैठने की भी व्यवस्था है जहा आप बैठ कर मन को उनके चरणों में एकाग्र कर सकते है।
ऐसे ही और भी अद्भुत मंदिर और आध्यात्मिक स्थान है जो हमारे भारत देश को सबसे अलग दर्शाता है।
आध्यात्मिक महत्व (Spiritual Significance)
मंदिर के अंदर प्रवेश करते ही एक असीम शांति का अनुभव होता है। यहाँ माँ यशोदा, नंदबाबा, और सखियों के साथ बाल कृष्ण की लीलाओं का चित्रण है। मुख्य हॉल में बैठकर भक्त घंटों तक नाम संकीर्तन और ध्यान कर सकते हैं। मंदिर का वातावरण पूरी तरह से ‘कृष्णमयी’ है।
प्रेम मंदिर कैसे पहुंचें? (How to Reach)
स्थान: यह मथुरा-वृंदावन मार्ग पर स्थित है।
निकटतम रेलवे स्टेशन: मथुरा जंक्शन (करीब 10 किमी)।
निकटतम हवाई अड्डा: खेरिया हवाई अड्डा, आगरा (करीब 70 किमी) या दिल्ली एयरपोर्ट (160 किमी)।
स्थानीय साधन: आप मथुरा या वृंदावन स्टेशन से ई-रिक्शा या ऑटो लेकर आसानी से प्रेम मंदिर पहुँच सकते हैं।
प्रेम मंदिर कहाँ पर है ?
भारत में वृंदावन और मथुरा (prem mandir mathura) मार्ग पर है।
प्रेम मंदिर किसने बनवाया था ?
जगद्गुरु कृपालु महाराज जी ने
प्रेम मंदिर में कौन से भगवान है ?
मंदिर राधा कृष्ण और उनकी लीलाओ को समर्पित है।
प्रेम मंदिर घूमने का सबसे अच्छा समय क्या है?
शाम 6:30 बजे से रात 8:30 बजे के बीच का समय सबसे अच्छा है, क्योंकि इस दौरान आप मंदिर की लाइटिंग और म्यूजिकल फाउंटेन दोनों देख सकते हैं।
क्या प्रेम मंदिर में फोटोग्राफी की अनुमति है?
मंदिर के बाहरी परिसर और बगीचे में मोबाइल फोटोग्राफी की अनुमति है, लेकिन मुख्य मंदिर के अंदर फोटो खींचना वर्जित है।