श्री मोरारी बापू जी (Morari Bapu)

श्री मोरारी बापू जी (Morari Bapu)

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संसार को जीवन का कीमती पल देकर आखिर में आप खाली हाथ रह जाओगे।
लेकिन अगर आपने भारत के भूमि पे जन्म लेकर संतो के अद्भुत जीवन के ज्ञान , भक्ति का सार नहीं लिया तो सच में जीवन के मोल को कभी नहीं समझ पाओगे। मोरारी बापू(morari bapu) जी ने मात्र 14 वर्ष की आयु से अपने जीवन की दिशा को रामायण कथा से जोड़ लिया। यु तो उनका ह्रदय बचपन से ही श्री राम जी के भक्ति में डूब चूका था लेकिन संसार के लिए 14 वर्ष की आयु से. और ये तय कर लिए वो श्री राम जी के जीवन का अद्भुत सन्देश सभी जनमानस तक पहुचायेंगे। क्युकी कलयुग के इस दावानल अग्नि से हमे सिर्फ प्रभु की कथा , उनकी भक्ति और उनका अमृत -प्रेम से भरा नाम ही बचा सकता है।

“प्रभु के लिए प्रेम में निकले हर शब्द भक्त के ह्रदय का हाल व्यक्त करता है।
और भक्त के कहे उस गहरे भाव को केवल एक प्रभु का भक्त और प्रेमी ही समझ सकता है।”

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