गोपी भाव कैसे गुजरेगी ये पूरी जिंदगी तेरे इंतजार में अभी तो कुछ पल ही काटे हैं तेरे इंतजार में ये कुछ पल कई सदियों के जैसे बीतते हैं तेरे इंतजार में ये सांसे बोझिल सी लगती है तेरे इंतजार में आंखों में अश्क आते हैं पर डरती हूँ कैसे कहूंगी किसी से कि यह…

क्यों उसकी याद आकर मुझे जगा जाती है दूर से ही सही पर क्यों उसकी सदा आती है। क्यों उसकी याद आकर मुझे जगा जाती है दूर से ही सही पर क्यों उसकी सदा आती है। मैंने उसे जान कर भी अनजाना कर दिया पर उसने सबकुछ जान कर भी मुझे अपना लिया। कुछ तो…