Spirituality means-आध्यात्मिकता का अर्थ है आजकल की युवा पीढ़ी को पता भी नहीं होगा की आध्यात्मिकता(spirituality) है क्या ? उनकी समझ से आध्यात्मिकता का मतलब है, किसी मंदिर में बैठ कर भगवान के सामने भजन करना या कोई पूजा करना है । लेकिन सच्चाई इस से बहुत अलग है। आध्यात्मिकता का मतलब भगवान से जुड़ना है…

जिसके हाथो मेरी सारी व्यवस्था हम इंसान जब टूट जाते हैं टूट के बिखर जाते हैं तो हमें किसी और का सहारा नहीं होता हमें सिर्फ ईश्वर का सहारा होता हम उस ईश्वर को ही अपना मानते हैं। और सारे सवालों के जवाब उनसे ही मांगते हैं। न जाने कभी-कभी ऐसा क्यों लगता है जैसे…

अनमोल विचार( Awesome Thoughts) एक बहुत ही अनमोल विचार(awesome thought) संसार से हमें वही मिल रहा है, जो हमने पूर्व में संसार को दिया था। भविष्य में भी हमको वही मिलेगा, जो आज हम संसार को दे रहे हैं॥ चाहे वह प्रेम हो ….या धोखा! हमारी विरासत अंधकार से प्रकाश की और का सफर Tweet…

जिंदगी का वो सबब याद आ रहा है जिंदगी का वो सबब याद आ रहा है गलतियों से मिला वो सबक याद आ रहा है तेरे दर पर आकर सांवरे(saware) मेरा वो लौट जाना याद आ रहा है भूल हो गई प्यारे जो तुम्हें भुलाया तेरा वो प्यारा सा साथ याद आ रहा है जिंदगी…

राधा-कृष्ण प्रेम (Radha-Krishan love) राधा ही कृष्ण और कृष्ण ही राधा क्यों है ? राधा कृष्णा(radha krishna) कोई दो नहीं थे।  दुनिया की नज़रो में वो दो थे, लेकिन राधा रानी जी के नज़रो में सिर्फ कृष्ण थे और कृष्ण जी की नज़रो में सिर्फ राधा जी थी। प्रेम (Radha Krishna Prem kahani) सिर्फ पाने…

हे बिहारी जी भीड़ में भी सुकून मिलता है शोर में भी शांति मिलती है हे बिहारी जी आपके दरबार की तो बात ही निराली है तेरे दर पर आकर फकीर भी खुद को बादशाह समझता है जिसे कभी किसी ने ना चाहा हो वह तेरी चाहत पाकर मचलता है जहां आकर अकेलापन का पर्दा…

विरह भाव : श्री कृष्णा (shri Krishna)   विरह भाव : कृष्ण(krishna) कहते हैं अपने प्रेमी जनों का याद आना तो अच्छा है प्रिय जनों का स्वप्न आए तो अच्छा लगता है जब नंदबाबा यशोदा मैया पंच सखा गोपियों के स्वप्न तक तो कोई तकलीफ नहीं होती है पर जब उसमे श्री राधे जू का स्वप्न…

वृन्दावन की होली हे बिहारी जी , खुशबू आने लगी है अभी से रंगो और गुलालों की,   बुला लो अब वृन्दावन धाम कहीं जान न निकल जाये तुम्हारे दीवानो की। Tweet Share9 Share Pin1Shares 10

सुविचार(Good thought) गुरुर में इंसान को कभी इंसान नहीं दिखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं दिखता। हमारी विरासत अंधकार से प्रकाश की ओर का सफर Tweet Share16 Share PinShares 16